विप्पिअआरउ जइ वि पिउ तो वि तं आणहि अज्जु ।
अग्गिण दड्ढा जइ वि घरु तो तें अग्गिं कज्जु ॥
जेण विणा ण जिविज्जइ अणुणिज्जइ सो कआवराहो वि ।
पत्ते वि णअरडाहे भण कस्स ण वल्लहो अग्गी ॥
अग्गिण दड्ढा जइ वि घरु तो तें अग्गिं कज्जु ॥
जेण विणा ण जिविज्जइ अणुणिज्जइ सो कआवराहो वि ।
पत्ते वि णअरडाहे भण कस्स ण वल्लहो अग्गी ॥